आदेश

Gillette कंपनी की गाथा · हिंदी संस्करण ·  अंक ०१

आदेश


“गिलेट का पहला नक्ल-कमीशन। काग़ज़ से बहुत पहले, स्याही से बहुत पहले।”

हर सुबह उस शापित पड़ोसी को वही समस्या होती। खाते वक्त उसने अपनी ही खाल को चिकनाई से गंदा कर लिया था और उसे साफ़ करने का कोई तरीका नहीं था — डिटर्जेंट वाले लोग अभी बाज़ार तक नहीं पहुंचे थे, और खम्भों पर बसा वह घर जो कुछ था, उसी पर गुज़़ारा करता था।

उसका एक प्रेम-मुलाक़ात का वादा था। दूसरे झुंड की वह आदिम लड़की उसका इंतज़ार कर रही थी, अपनी माँ और चाची के साथ, और उसे बिना एक भी दोष के हाजिर होना था।

समस्या बनी रही। इसे कैसे सुलझाया जाए?

तभी कनाडा का एक मूल-निवासी व्यापारी आ पहुंचा। वह अपना पहला नक्ल-कमीशन लाया था, क्री भाषा में लिखा हुआ, और उसे तुरंत समझ आ गया कि खाल को साफ़ रखने की इस समस्या को किसी ने कभी सुलझाया ही नहीं — और इसी कमी से एक बाज़ार जन्मा था।

तभी वह विचार आया।

अगर तुम साफ़ नहीं कर सकते, तो ख़राब हिस्से को काट डालो। एक ब्लेड इस्तेमाल करो।

यही वह पल था जब गिलेट का नक्ल-कमीशन जन्मा — वही, जिसे कई सालों बाद, उन्नीसवीं सदी के मध्य में अमेरिकी बाज़ार में इस्तेमाल किया जाना था।

पर व्यवस्था कभी नहीं बदली: अगर तुम साफ़ नहीं कर सकते, तो काटना बेहतर है। और उस पल से आगे, यह कभी नहीं रुकी।


फ़र्दिनान्दो

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