जिलेट से पहले · हिंदी संस्करण · क्रमांक 13
जिलेट से पहले: अस्तित्व का गंभीर मज़ाक़
ब्लेडफ्रेगा की पहली आज्ञा
तू अपने अस्थायी वजूद को ज़रूरत से ज़्यादा गंभीरता से नहीं लेगा।
अस्तित्व गंभीर है, पर उसका हास्यबोध अजीब है। हम बिना हिदायतों के आते हैं, बरसों प्रक्रियाएँ ईजाद करते रहते हैं, और मैनुअल मंज़ूर होने से पहले ही चले जाते हैं। हास्य गंभीरता को घटाता नहीं। वह गंभीरता को अपना ही स्मारक बनने से रोकता है।
जो इंसान समय पर हँस नहीं सकता, वह आख़िरकार उसका कर्मचारी बन जाता है। एक मज़ाक़ किसी सच को एक तर्क से ज़्यादा तेज़ी से उघाड़ सकता है। वह बग़ल के दरवाज़े से घुस आता है, जबकि दर्शन अभी प्रवेश-द्वार ढूँढ़ ही रहा होता है। अनंतता कभी-कभी एक गंभीर विचार है जिसने हास्यास्पद टोपी पहन रखी है।
निष्कर्ष
अनंतता तब शुरू नहीं होती जब समय अंतहीन हो जाता है। वह तब शुरू होती है जब कोई फ़ैसला, कोई पन्ना या कोई रचना अपनी मियाद ख़त्म होने से इनकार कर देती है।
फर्दिनांदो
